RPSC 1st Grade History Syllabus in Hindi Pdf

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RPSC 1st Grade Teacher History Syllabus in Hindi PDF (Available now ): यदि आप RPSC School Lecturer History के लिए ऑनलाइन  आवेदन किया है तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत उपयोगी  है। हम इस पेज पर आपके लिए Rajasthan PSC School Lecturer History Syllabus PDF link प्रस्तुत कर रहें हैं। आप इस आर्टिकल के आखिर तक जाएँ और 1st Grade Teacher Syllabus in Hindi डाउनलोड कर लें।

निचे दिए जा रहे सेक्शन पर आपको 1st Grade Teacher History Syllabus  कि जानकारी दी जा रही है. आपको पता है कि कुछ दिन फले ही RPSC ने इस भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे. और लाखों विधार्थियों ने इस  Post  के लिए online आवेदन किया था.

School Lecturer History व्याख्याता (स्कूल शिक्षा) राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर के पद के लिए परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम

Subject – इतिहास ( HISTORY) पेपर-II

पार्ट -I वरिष्ठ माध्यमिक स्तर ( Senior Secondary Level)

  1. प्राचीन भारत के स्रोत: साहित्यिक, पुरातत्व, विदेशी यात्री खाता।
  2. सरस्वती-सिंधु सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता): उत्पत्ति, विस्तार, पतन, पुरातत्व स्थल।
  3. महाजनपद का युग, मगध का उदय: हरयंक, शिशुनाग और नंद वंश।
  4. मौर्य साम्राज्य: स्थापना, विस्तार, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, कला और वास्तुकला।
  5. दिल्ली सल्तनत: सल्तनत व्यवस्था के दौरान स्थापना, विस्तार, प्रशासनिक व्यवस्था, सैन्य संगठन, भू-राजस्व, इक्ता व्यवस्था।
  6. 1757 से 1857 तक भारत में क्षेत्रीय शक्तियों का उदय और औपनिवेशिक शासन की स्थापना।
  7. ब्रिटिश सर्वोच्चता का विकास।
  8. 1857 का विद्रोह: प्रकृति, घटनाएँ, महत्व और परिणाम।
  9. यूरोप में पुनर्जागरण और सुधार।
  10. प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध: कारण, घटनाएँ और परिणाम।
  11. राष्ट्र संघ और संयुक्त राष्ट्र संघ।
  12. राजस्थान के प्रमुख पुरातत्व स्थल।
  13. राजस्थान के राजपूत राजवंशों का उदय: गुहिल, गुर्जर-प्रतिहार, राठौर, चौहान, कच्छवा।
  14. राजपूत प्रतिरोध: पृथ्वीराज तृतीय, रणथंभौर के हमीर, रावल रतन सिंह, कान्हादेव, सांगा, मालदेव, चंद्रसेन और महाराणा प्रताप।

भाग– II स्नातक स्तर (PART-II Graduation Level) RPSC 1st Grade Teacher History

  1. पूर्व और आद्य इतिहास: पुरापाषाण युग, मध्यपाषाण युग, नवपाषाण युग और ताम्रपाषाण युग।
  2. वैदिक युग: वैदिक साहित्य, राजनीतिक, सामाजिक, अर्थव्यवस्था, धर्म, दर्शन और अनुष्ठान।
  3. जैन धर्म और बौद्ध धर्म का उदय।
  4. मौर्य काल के बाद: शुंग, कण्व, इंडो-यूनानी, कुषाण, पश्चिमी क्षत्रप।
  5. गुप्त युग: राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां। वर्धन राजवंश: राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां।
  6. प्राचीन भारत में विदेश में भारतीय संस्कृति: पश्चिम एशिया, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया।
  7. मध्यकालीन भारत के स्रोत।
  8. भक्ति आंदोलन और सूफीवाद का विकास।
  9. मुगल साम्राज्य और मुगल नीतियों की नींव और विस्तार: दक्कन, धार्मिक, राजपूत, उत्तर-पश्चिम और मध्य एशिया नीति।
  10. मराठा का उदय: शिवाजी की उपलब्धियां, मराठा का इतिहास (1680-1761)।
  11. पूर्व और आद्य इतिहास: पुरापाषाण युग, मध्यपाषाण युग, नवपाषाण युग और ताम्रपाषाण युग।
  12. वैदिक युग: वैदिक साहित्य, राजनीतिक, सामाजिक, अर्थव्यवस्था, धर्म, दर्शन और अनुष्ठान।
  13. जैन धर्म और बौद्ध धर्म का उदय।
  14. मौर्य काल के बाद: शुंग, कण्व, इंडो-यूनानी, कुषाण, पश्चिमी क्षत्रप।
  15. गुप्त युग: राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां। वर्धन राजवंश: राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां।
  16. प्राचीन भारत में विदेश में भारतीय संस्कृति: पश्चिम एशिया, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया।
  17. मध्यकालीन भारत के स्रोत।
  18. भक्ति आंदोलन और सूफीवाद का विकास।
  19. मुगल साम्राज्य और मुगल नीतियों की नींव और विस्तार: दक्कन, धार्मिक, राजपूत, उत्तर-पश्चिम और मध्य एशिया नीति।
  20. मराठा का उदय: शिवाजी की उपलब्धियां, मराठा का इतिहास (1680-1761)।
  21. भारतीय संवैधानिक विकास (1773-1950)।
  22. औपनिवेशिक शासन का आर्थिक प्रभाव: भू-राजस्व बंदोबस्त, गैर-औद्योगिकीकरण, धन की निकासी।
  23. पूर्व और आद्य इतिहास: पुरापाषाण युग, मध्यपाषाण युग, नवपाषाण युग और ताम्रपाषाण युग।
  24. वैदिक युग: वैदिक साहित्य, राजनीतिक, सामाजिक, अर्थव्यवस्था, धर्म, दर्शन और अनुष्ठान।
  25. जैन धर्म और बौद्ध धर्म का उदय।
  26. मौर्य काल के बाद: शुंग, कण्व, इंडो-यूनानी, कुषाण, पश्चिमी क्षत्रप।
  27. गुप्त युग: राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां। वर्धन राजवंश: राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां।
  28. प्राचीन भारत में विदेश में भारतीय संस्कृति: पश्चिम एशिया, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया।
  29. मध्यकालीन भारत के स्रोत।
  30. भक्ति आंदोलन और सूफीवाद का विकास।
  31. मुगल साम्राज्य और मुगल नीतियों की नींव और विस्तार: दक्कन, धार्मिक, राजपूत, उत्तर-पश्चिम और मध्य एशिया नीति।
  32. मराठा का उदय: शिवाजी की उपलब्धियां, मराठा का इतिहास (1680-1761)।
  33. भारतीय संवैधानिक विकास (1773-1950)।
  34. औपनिवेशिक शासन का आर्थिक प्रभाव: भू-राजस्व बंदोबस्त, गैर-औद्योगिकीकरण, धन की निकासी।
  35. 19वीं और 20वीं सदी में सामाजिक-धार्मिक सुधार।
  36. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम -1857 – 1919।
  37. अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम।
  38. औद्योगिक क्रांति।
  39. 1789 की फ्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन बोनापार्ट युग।
  40. इटली और जर्मनी का एकीकरण।
  41. 1917 की रूसी क्रांति।
  42. 1857 के विद्रोह में राजस्थान की भूमिका।
  43. राजस्थान में आदिवासी और किसान आंदोलन।
  44. मुगलों के साथ राजपूत सहयोग: मान सिंह, राय सिंह, मिर्जा राजा जयसिंह और जसवंत सिंह।

भाग– III स्नातकोत्तर स्तर  Part- III Post Graduation Level

  1. मौर्योत्तर काल में समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति।
  2. दक्कन और दक्षिण भारत सातवाहन, संगम युग, चालुक्य, पल्लव, चोल, राष्ट्रकूट।
  3. प्रारंभिक मध्यकालीन भारत के दौरान समाज और सांस्कृतिक विकास।
  4. मुगलों की प्रशासनिक व्यवस्था: राजस्व व्यवस्था, सैन्य प्रशासन, मनसबदारी और जागीरदारी।
  5. मध्यकालीन भारत में आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन।
  6. सामाजिक सुधार और भारत में दलितों और महिलाओं का उत्थान।
  7. 19वीं सदी में शिक्षा और प्रेस का विकास।
  8. गांधीवादी युग: गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन। राष्ट्रीय आंदोलन में जवाहर लाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, वल्लभ भाई पटेल, सी. राजगोपालाचारी, राजेंद्र प्रसाद, भीम राव अंबेडकर की भूमिका और योगदान।
  9. जर्मनी में नाजीवाद और इटली में फासीवाद का उदय।
  10. अरब दुनिया, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में राष्ट्रीय आंदोलन।
  11. 1949 की चीनी क्रांति।
  12. राजस्थान के इतिहास के स्रोत: पुरातत्व, अभिलेखीय और साहित्यिक।
  13. राजस्थान में जागृति: सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक जागृति।
  14. राजस्थान का एकीकरण: इसके विभिन्न चरण।
  15. राजस्थान की कला, वास्तुकला और पेंटिंग।

भाग – IV (शैक्षिक मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, शिक्षण शिक्षण सामग्री, शिक्षण शिक्षण में कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग)  Part – IV (Educational Psychology, Pedagogy, Teaching Learning Material, Use of Computers and Information Technology in Teaching Learning)

  1. शैक्षिक मनोविज्ञान
    • शैक्षिक मनोविज्ञान की अवधारणा, कार्यक्षेत्र और कार्य।
    • किशोर शिक्षार्थी की शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक विकासात्मक विशेषताएं और शिक्षण-अधिगम के लिए इसके निहितार्थ।
    • वरिष्ठ माध्यमिक छात्रों के लिए सीखने के व्यवहार, संज्ञानात्मक और रचनावादी सिद्धांत और इसके निहितार्थ।
    • मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा और समायोजन और समायोजन तंत्र।
    • संवेगात्मक बुद्धि और शिक्षण अधिगम में इसका निहितार्थ।
  1. शिक्षाशास्त्र और शिक्षण अधिगम सामग्री (किशोर शिक्षार्थी के लिए निर्देशात्मक रणनीतियाँ)
  • संचार कौशल और इसका उपयोग।
  • शिक्षण मॉडल- अग्रिम आयोजक, अवधारणा प्राप्ति, सूचना प्रसंस्करण, पूछताछ प्रशिक्षण।
  • शिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री तैयार करना और उसका उपयोग करना।
  • सहकारी शिक्षा।
III. शिक्षण शिक्षण में कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग
  • आईसीटी, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की अवधारणा।
  • सिस्टम दृष्टिकोण।
  • कंप्यूटर असिस्टेड लर्निंग, कंप्यूटर एडेड इंस्ट्रक्शन।

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